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    Sunday, 5 November 2017

    जंग हुई तो नॉर्थ कोरिया के परमाणु हथियारों को कंट्रोल करने के लिए स्पेशल फोर्स उतार सकता है US

    वॉशिंगटन 
    अमेरिका ने उन हालात की समीक्षा की है, जिनमें नॉर्थ कोरिया से जंग होने पर जीत हासिल की जा सकती है। पेंटागन ने इस आकलन को सांसदों के सामने भी रखा है। इसके मुताबिक, 'जंग के समय नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर वेपंज साइट्स का पता लगाने और उसे अपने कंट्रोल में लेने के लिए अमेरिकी सैनिकों को वहां जाना होगा। यही नहीं, प्योंगयांग बायलॉजिकल और केमिकल वेपंज का भी इस्तेमाल कर सकता है।' इससे साफ है कि युद्ध के समय अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया में अपने सैनिकों को उतारने की तैयारी कर रखी है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप एशिया के पहले दौरे पर हैं और उनके अजेंडे में नॉर्थ कोरिया टॉप पर है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक सांसदों को भेजे पत्र में पेंटागन ने नॉर्थ कोरिया के हमले का जवाब देने की तैयारियों का पूरा जिक्र किया है। इसमें बताया गया है कि प्योंगयांग ने अगर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया तो अमेरिका का अगला कदम क्या होगा? बताया जाता है कि नॉर्थ कोरिया ने अपने परमाणु हथियारों को किसी गुप्त स्थान पर जमीन में काफी गहराई में छिपा रखा है। 

    पत्र में इस बात की भी आशंका जताई गई है कि नॉर्थ कोरिया केमिकल वेपंज का इस्तेमाल कर सकता है। वह नर्व जैसे कई खतरनाक एजेंट्स बनाने की क्षमता हासिल कर चुका है। हालांकि पेंटागन ने कुछ सूचनाएं यह कहते हुए गुप्त रखी हैं कि इसे सार्वजनिक रूप से बताया नहीं जा सकता है। 

    पेंटागन के जॉइंट स्टाफ के उपनिदेशक रियर ऐडमिरल माइकल जे. ड्युमांट ने यह पत्र लिखा है। इससे पहले दोनों सदनों के कई सांसदों ने नॉर्थ कोरिया से जंग के समय संभावित कैज़ुअल्टी के आकलन पर जानकारी मांगी थी। इसमें आम लोगों के अलावा अमेरिका, साउथ कोरिया, जापान और गुआम में मौजूद सेनाओं की भी चर्चा की गई है। कुछ सांसदों ने पेंटागन को पत्र लिखकर कहा था कि किसी दूसरे देश पर हमले या सीमित कार्रवाई का सैनिकों ही नहीं जनता के पैसे पर भी असर पड़ता है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि हमले के बाद क्या परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। 

    पेंटागन ने सबसे अच्छे या सबसे बुरे दोनों हालात का आकलन किया है। इसमें कहा गया है कि ज्यादा कुछ नॉर्थ कोरिया के हमले की प्रकृति, तीव्रता और समय पर निर्भर करेगा। पत्र में कहा गया है कि साउथ कोरिया की राजधानी सोल में 25 मिलियन लोग रहते हैं, उन्हें फौरन सुरक्षित करने की चुनौती होगी। साथ ही नॉर्थ कोरिया के परमाणु हथियारों को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका के स्पेशल ऑपरेशंस ट्रूप्स लीड करेंगे। 

    पिछले साल अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और तत्कालीन रक्षा मंत्री कार्टर ने यूएस स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (SOCOM) को सामूहिक विनाश के हथियारों के खिलाफ पेंटागन के ऐक्शन को लीड करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस एलीट फोर्सेज को लंबे समय से परमाणु हथियारों के आतंकियों के हाथों में पहुंचने की दशा में जवाबी कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि SOCOM का फोकस नॉर्थ कोरिया पर बढ़ा है। 

    ड्युमांट ने आगे कहा है कि सेना नॉर्थ कोरिया पर अमेरिका की रणनीति का समर्थन करती है। गौरतलब है कि विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन कूटनीतिक प्रयासों के जरिए किम जोंग-उन पर परमाणु हथियार कार्यक्रम रोकने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने किम को 'रॉकेट मैन' बताते हुए नॉर्थ कोरिया से बातचीत के प्रयासों को समय की बर्बादी करार दिया है। 1 अक्टूबर को उन्होंने ट्वीट किया था, 'अपनी ऊर्जा बचाइए रेक्स, जो करना है वो हम करेंगे।' इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि नॉर्थ कोरिया के लिए केवल एक चीज काम करेगी। 

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