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    Monday, 6 November 2017

    पैराडाइज पेपर्सः 119 साल पुरानी बरमुडा की इस लॉ फर्म ने कराई है ज्यादातर देशों में टैक्स चोरी


    पैराडाइज पेपर्स केस में जिस कंपनी के डॉक्यूमेंट्स की सबसे ज्यादा जांच की गई है वो बरमुडा की एक लॉ फर्म है जो कि 119 साल पुरानी है। इस लॉ फर्म से पूरे विश्व के वकील, अकाउंटेंट, बैंकर्स और अन्य लोग जुड़े हुए हैं, जिनका मुख्य काम ऐसे देशों में कंपनियों को सेटअप व अकाउंट को मेनटेन करने का है, जो टैक्स की चोरी करना चाहते हैं या फिर अपने पैसे को छुपाना चाहते हैं। 
    भारत में नहीं है ऑफिस
    जिस लॉ फर्म का नाम आ रहा है उसका भारत के किसी भी शहर में कोई ऑफिस भी नहीं है। हालांकि एप्पलबाई के कई अधिकारियों ने मुंबई, दिल्ली समेत देश के कई प्रमुख शहरों में बिजनेस ट्रिप की, ताकि ऐसे लोगों के साथ नेटवर्किंग की जाए और टैक्स चोरी करने के लिए कंपनियों की स्थापना की जाती थी। 

    एप्पलबाई का यह है मुख्य काम
    एप्पलबाई का मुख्य काम ऐसे लोगों का अकाउंट मेनटेन करने का है जो टैक्स की चोरी करते हैं, रियल एस्टेट संपत्तियों को मैनेज करना, एस्क्रो अकाउंट खोलना, कम टैक्स देकर के हवाई जहाज या फिर याचट्स खरीदना और दो नंबर के पैसे को दुनिया भर में घुमाना। 

    विदेश में कंपनी खोलना गैरकानूनी नहीं

    किसी भी व्यक्ति या फिर कंपनी को विदेश में अपनी ब्रांच खोलने के लिए मनाही नहीं है, अगर वो कंपनी या फिर व्यक्ति टैक्स की अदायगी करता है। लेकिन अगर वो टैक्स चोरी करने के लिए कोई कंपनी विदेश में खोलता है तो फिर यह चिंता की बात है।

    टैक्स कानूनों में ढील के चलते एप्पलबाई जैसी कुछ कंपनियां या फर्म इसी बात का फायदा उठाकर टैक्स चोरी करने के लिए एमएनसी कंपनियों के लिए रास्ता बनाती है।

    180 देशों में भारत का 19वां नंबर
    180 देशों में भारत का स्थान पैराडाइज पेपर्स में 19वें नंबर पर है। इस लिस्ट में 714 भारतीय हैं। हालांकि एक भारतीय नंद लाल खेमका की कंपनी सन ग्रुप एप्पलबाई की इंटरनेशनल क्लाइंट लिस्ट में दूसरे नंबर पर है, जिसकी विदेशों में 118 अलग-अलग कंपनियां बनी हुई हैं। 

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